'' मैंने तो सिर्फ पकड़ रक्खा है हाथ में कलम ,,,,, लिखती तो तू है '' ज़िन्दगी ''........// kk
Thursday, December 30, 2010
Wednesday, December 8, 2010
baaten
जिनके हाथों में नोटों की खुशबू बसी होती है उनके घर दीमक नहीं लगा करते क्योंकि उनके घरों में किताबों के लिए जगह नहीं होती ।
वह सबसे बड़ा गरीब है जो हर बात के बीच पैसों कों लाता है I
वह सबसे बड़ा गरीब है जो हर बात के बीच पैसों कों लाता है I
Thursday, May 27, 2010
ये जो है ज़िन्दगी
ये जो है ज़िन्दगी ,
हाथों से फिसलती रेत की तरह
जितनी तेज़ बंद करती हूँ मुट्ठियों को,
उतनी ही तेज़ी से निकल जाती है ज़िन्दगी .
ये जो है ज़िन्दगी ,
बारिश की झिलमिलाती बूंदों की तरह ,
चमक जिसकी खींच लेती है
पर हाथों में लेते ही गुम हो जाती है कहीं।
हाथों से फिसलती रेत की तरह
जितनी तेज़ बंद करती हूँ मुट्ठियों को,
उतनी ही तेज़ी से निकल जाती है ज़िन्दगी .
ये जो है ज़िन्दगी ,
बारिश की झिलमिलाती बूंदों की तरह ,
चमक जिसकी खींच लेती है
पर हाथों में लेते ही गुम हो जाती है कहीं।
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